Coronavirus Return:- फिर से कोरोना की चपेट में आ रहे हैं मरीज, 20% मरीजों में मिले फिर सिम्पटम्स

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Coronavirus Return in world case arise

Coronavirus Return की खबरों ने देश विदेश के लोगों के भीतर फिर से डर पैदा कर दिया है। हालांकि देश में कोरोना का ग्राफ नियमित रूप से ढलान की ओर है लेकिन विदेशी जमीन की हकीकत भारत को भी दुविधा में डालने को मजबूर कर रहे हैं। देश विदेशों के कई जगहों पर किए गए रिपोर्ट्स यह दावा करते हैं कि Coronavirus Return आ गया है अर्थात कोरोना का दूसरा फेज आ चुका है। कई विशेषज्ञ डॉक्टर इस बात से भी इंकार नहीं कर रहे हैं कि यह वाला फेज पहले से खतरनाक साबित होगा।

Coronavirus Return का इन देशों में दिखने लगा है भयानक रूप

देश विदेशों में कई विशेषज्ञों द्वारा किए गए शोध में यह पाया गया है कि कोरोना वायरस का यह दूसरा फेज पहले से अधिक खतरनाक है। इस खतरे की झलक विदेशी जमीन पर दिखने शुरू हो चुके हैं। फ्रांस में स्थिति भयावह हो चुकी है वहां एक दिन में आए रिकॉर्ड 45 हजार केस इस बात का सबूत है कि Coronavirus Return हो चुका है। सिर्फ फ्रांस ही नहीं बल्कि यही हालत ब्रिटेन एवं अमेरिका में भी है। जहाँ ब्रिटेन में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि ब्रिटेन में केस आने की रफ्तार बढ़ेगी तो वहीं अमेरिका में हर मौत के आंकड़े में इजाफा जारी है।

इटली में मिले 20,000 से अधिक मामले,WHO ने जारी की चेतावनी

Coronavirus Return in Italy again

पूरे विश्व में इटली उन देशों में गिना जाता था जहाँ कोविड के केस सबसे तेजी से एवं सबसे अधिक मात्रा में आते थे लेकिन वहाँ की दुरुस्त मेडिकल सुविधाओं ने इस पर कुछ हद तक काबू पा लिया था लेकिन अब कोरोना के दूसरे फेज अर्थात बनते Coronavirus Return के माहौल के बीच इटली देश फिर से सुर्खियों में है। एक दिन में सर्वाधिक 20,000 से ज्यादा केस ने इटली की सरकार को नाईट कर्फ्यू लगाने पर विचार करवा दिया है। इटली में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा।

विश्व भर में कोरोना के बढ़ते मामले ने WHO को फिर से चिंतित कर दिया है। अपना बयान जारी करते हुए WHO चीफ टेड्रोस एडहोनम कहते हैं कि यह कोरोना के खतरे की मात्र शुरुआत है और साथ ही वह कोरोना की भयंकर रूप का हवाला देते हुए हर देश के नेताओं से आग्रह करते हैं कि स्कूलों को फिर से बंद कर दिया जाए।

यह रिपोर्ट की पूरी समीक्षा यहाँ पढ़े:- कोरोना पर ऑक्सफ़ोर्ड की रिसर्च

कोरोना की जांच रिपोर्ट में यह पता चला

देश विदेश में किए गए शोध में डॉक्टरों द्वारा यह पाया गया कि कोरोना संक्रमित मरीजों में से 64 फीसदी मरीजों में सांस लेने की दिक्कतों से सामना करना पड़ रहा है। उन्हें बेचैनी एवं डिप्रेशन जैसी बीमारी का शिकार पाया गया है। ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में किए गए शोध यह भी दावा करते हैं कि अधिकतम मरीजों के फेफड़े,दिल एवं किडनी पहले की तरह अपना कार्य नहीं कर पाते हैं। ऑर्गन फेलियर भी इन मरीज़ो में पाया गया है। कोरोना मरीजों में 55 प्रतिशत मरीज जल्दी थकावट महसूस करने की शिकायत कर रहे हैं।

भारत की राजधानी दिल्ली में एम्स के रुमेटोलॉजी की हेड डॉक्टर उमा कुमार भी कहती है कि भारत में हर 100 कोरोना संक्रमित मरीजों में से 20 मरीज अर्थात 20 फीसदी मरीजों में कोरोना के कुछ लक्षण ठीक होने के बावजूद रह जा रहे हैं।

Coronvirus Return के बावजूद भारत के लिए बेहतर खबर

विदेशों में कोरोना की बिगड़ती स्थिति के बावजूद भारत में कोरोना को फिलहाल के लिए कंट्रोल कर लिया गया है। बीते कुछ हफ़्तों से कोरोना की भारत में रफ्तार लगातार गिर रही है। 22 मार्च के बाद पहली बार कोरोना से मरने वालों की संख्या 500 से कम है। रिकवरी रेट भी 90 फीसदी को पार करने की कगार पर है।

Covaxxin approved for phase 3 testing

भारत के लिए एक होर खुशखबरी यह है कि भारत बायोटेक द्वारा निर्माण की जा रही Covaxxin को तीसरी फेज के लिए जरूरी अनुमति प्रदान की जा चुकी है। इसका अगला फेज नवंबर से शुरू होने के आसार है।

Covaxxin के बारे में न्यूज़ यहाँ मिलेगी:- covid-19

आपको क्या लगता है कि कोरोना का दूसरा फेज वाकई में भारत में भी आने वाला है। अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स के माध्यम से बताए ।

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