कोरोना की दूसरी वेव बना कारण, Financial Year 2020-2021 में जीडीपी -7.3%

0
856
Financial Year 2020-21 shows minus 7.3 percentage growth

Financial Year 2020-2021 में भारत की जीडीपी 7.3 फीसदी गिरावट की ओर है। यह आंकड़ा इतिहास के पन्ने छांटेंगे तो 40 साल पहले पाएंगे। यानी कि साल 1981-1982 जब भारत की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। हालांकि चालू वित्त वर्ष (Financial Year 2021-2022) में कई देश और विदेश की ऐजेंसी ने भारत के GDP Growth का अनुमान लगाया है लेकिन Financial Year 2020-2021 में आए यह आंकड़े इस फाइनेंसियल ईयर के जीडीपी अनुमान को घटाने का काम करेंगे। पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में लॉकडाउन खुलने के कारण अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटते हुए लग रही थी जिससे चौथी तिमाही में 1.6 प्रतिशत की ग्रोथ रेट से भारत की तरक्की हुई थी लेकिन मार्च महीने से शुरू हुए कोरोना की दूसरी वेव के कारण कई राज्य फिर से लॉकडाउन की स्थिति में आए। मजदूरों के फिर से पलायन होने की स्थिति में आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बने।

Financial Year 2019-2020 में  थी चार प्रतिशत की ग्रोथ

आर्थिक स्थिति के विशेषज्ञों की माने तो कोरोना महामारी के कारण यह स्पष्ट था कि इकॉनमी में भारत का प्रदर्शन सही नही होगा लेकिन वित्त वर्ष 2019-2020 में भी भारत का प्रदर्शन उम्मीद से काफी कमजोर था। 

Construction और Utility Sector का अच्छा प्रदर्शन

पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में कंस्ट्रक्शन सेक्टर की ग्रोथ 14 परसेंटेज रही। यूटिलिटी सेक्टर की ग्रोथ 9.1 रही। यूटिलिटी में गैस, बिजली, वाटर सप्लाई आती है। दूसरी तरफ सर्विसेज में 2.3 फीसदी की गिरावट आई। सर्विसेज में होटल, ट्रेड और ट्रांसपोर्ट जैसी चीजें आती हैं। हालांकि, कंस्ट्रक्शन और यूटिलिटी क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से पिछले वित्त वर्ष जीडीपी में अनुमान से कम गिरावट आई।

तीसरी तिमाही में ग्रोथ में लौट आई थी अर्थव्यवस्था

पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था ग्रोथ के रास्ते पर लौट आई थी। दिसंबर तिमाही में जीडीपी की ग्रोथ 0.5 फीसदी थी। इससे पहले पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी में करीब 24 फीसदी और दूसरी तिमाही में 7.5 फीसदी की गिरावट आई थी।

जीडीपी पर कोरोना की सेकंड वेव की मार

माना जा रहा है कि चालू वित्त वर्ष (Financial Year) की पहली तिमाही में जीडीपी पर कोरोना की दूसरी लहर की मार पड़ेगी। इस वजह से पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को घटा दिया गया है। ग्रोथ के रास्ते पर लौट रही अर्थव्यवस्था को कोरोना की दूसरी लहर ने बेपटरी कर दिया है। हालांकि, दूसरी लहर का असर सिर्फ अप्रैल-जून तिमाही पर पड़ने का अनुमान है।

Gross Value Added में 6.2 फीसदी गिरावट

पिछले वित्त वर्ष में ग्रॉस वैल्यू एडेड (Gross Value Added) में 6.2 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। GVA अर्थव्यवस्था की Growth rate के बारे में जानने का अपेक्षाकृत अच्छा जरिया है। इस साल फरवरी में जारी अग्रिम अनुमान में पिछले वित्त वर्ष (Financial Year) में आर्थिक वृद्धि दर में 8 फीसदी गिरावट आने का अनुमान जताया गया था। इस तरह वास्तविक आंकड़े अनुमान के मुकाबले बेहतर हैं।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here